हम कब खुश होते हैं, ये हम किसी को समझा नहीं सकते ।
और फिर जब तक हम किसी को बताते हैं वो ख़ुशी बेमानी हो जाती है.… यह एक गम्भीर समस्या है ।
जादातर यह देखा जाता है कि सुनने वाले को आपकी बात समझ में ही नहीं आती या तो वो आपकी बात को समझना ही नहीं चाहता है या फिर वो खुद ही किसी उधेड़ बुन में लगा हुआ है ।
हर एक स्थिति में बोलने वाले तो ये लगता है कि उसको आप सुनना नहीं चाहते हैं, जब तक कि आप उससे सच न कहे ।
अर्थार्थ सच कहना तो बहुत ही जरुरी है, हम किसी भी समस्या का एक दम समाधान चाहते है जो कि बिलकुल गलत धारणा है । .... जब एक बच्चा रोता है और किसी खिलौने कि जिद करता है तो हम उससे तुरंत चुप करने के लिए वह खिलौना ले कर देते है, इससे बच्चे को ये समझ में आ जाता है कि जब भी कुछ चाहिए तो रोना शुरू कर दो । इस प्रकार हम उसकी आदत बिगड़ देते हैं ।
आजकल के इस तेज रफ़्तार जिंदगी में किसी के पास समय नहीं है और हम समस्या से छुटकारा पाने के लिए झूट तक बोल देते हैं । हम यह नहीं समझते है कि आज तो आपने झूट बोल के काम चला लिया पर कल आप फिर से एक झूट को छुपाने के लिए एक और झूट बोलोगे और एक फिर एक और.… आखिरी में खुद ही आपको याद ही नहीं रहेगा कि किस झूट को छिपाने के लिए आपने कौन सा झूट बोला था । जो कि अक्सर लोगोें के साथ होता है ।
कुछ लोगो को कभी ख़ुशी नहीं होती है, ऐसे लोग अपने आप से दुखी होते हैं । ऐसे लोगो कि हर इच्छा को दबाया गया होता है और उन्हें जो भी करने से ख़ुशी मिलती थी उससे करने से रोका गया होता है ।
हम किसी से कोई उम्मीद करे और पूरी न हो तो दुःख होता है....... पर उसी व्यक्ति से जब कोई और काम करवाले तो वह व्यक्ति अपनी सफाई मैं यह कहता है कि लोग मानते ही नहीं तो और जादा दुःख होता है .... लगता है कि वह हमें ignore करना चाहता है।
क्या हम बच्चे है कि कोई भी हमारे साथ कुछ भी कर ले और हम चुप चाप रह जाये .... अरे कोई बताये बच्चे भी रोने लगते है अगर उन्हें कुछ अच्छा न लगे तो ........ पता नहीं लोग सच क्यों नहीं बोलते …… यह एक अलग सन्दर्भ जिसके ऊपर विचार - विमर्श किया जा सकता है ।
हमें यह समझना जरुरी है कि हर एक इंसान कि जिंदगी में कभी न कभी ऐसा समय आता है जब वह सिर्फ अपने बारे में सोचता है और कभी - कभी कुछ ऐसे कदम भी उठा लेता है जो कि उसके लिए घातक हो सकते हैं और साथ ही उससे जुड़े हर व्यक्ति को पूरी तरह से तोड़ सकते है ।
I remember these lines by Dr. Seuss -
"Don't cry because it's over, smile because it happened."
पर क्या हम सच में भूल सकते है जो भी हमारे साथ हुआ है ।
कहते है कि "अगर आपको जिंदगी जीना है तो जो हो चुका है उससे भूल जाओ और आगे बढ़ो" जिंदगी आगे बढ़ने का नाम है । सच है पर ये भी सच है कि हमारे दिमाग के एक हिस्से में हमसे ये सब store रहता है । जब कभी दुबारा वही सब हमारे साथ होते है तो वह हमारे मन को विचलित कर देता है ।
- By Praveen
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